भारतीय गाय

भारतीय गाय 


बहोत ही पुरानी कहावत है। "जिस घर के आँगन में तुलसी और गाय उस  घर में वैद्य कभी ना जाये  " पर देखा जाय तो आज हमारे आँगन में न तो तुलसी है न ही गाय। हम हमारी संस्कृति और सभ्यता को भूल ही गये है। गौ माता तो आज एक राजनितिक पशु बनगयी है बस आज गाय के मास के बारे में हि बाते होती है। गाय पर राजनीति इतनी बढ़ गई है उसे तो हिन्दू पशु बनादिया हैं। गाय हिन्दु्ओं के लिए सबसे पवित्र पशु है।


गौ की उत्पत्ति की पुराणों में कई प्रकार की कथायें मिलती हैं। माना की गाय को हमारे वेद और पुराणों में "कामधेनु" तथा "सर्वदेवमयी" गौ माता माना है। कामधेनु गाय की उत्पत्ति भी समुद्र मंथन से हुई थी। जब स्वामी विवेकानंद जी को शिकागो में पूछा गया की दुनिया में दूध किसका अच्छा है तो उन्होंने जवाब में कहा निसंदेह भैस का दूध तो उनसे गाय के दूध के बारे मे पूछने पर उनका जवाब रहा आप ने दूध के बारे में पूछा, गाय तो हमारी माता हैं और उसका दूध तो अमृत है। गाय हमें दूध, दही, घी, गोबर, गौमूत्र के रूप में पंचगव्य प्रधान करती हैं। भारतीय गौ वंश का दूध A2 (A2 और A1 दूध के बारे मे अगले पोस्ट में जानेंगे )होता है जो की किसी और गायों  में नहीं पाया जाता है।



कहा जाता है गुरु वशिष्ठ ने गाय के कुल का विस्तार कर के उनकी 8 से 10 प्रजातियाँ बनायीं थी। जिनका नाम कामधेनु, भौमा, कपिला, सुरभि , देवनी, नंदनी, आदि था। वही आज हमारे देश में लग भग 40 नस्लें हैं। सारी भारतीय गौ प्रजातियों की अपनी अलग अलग विशेषताएँ  हैं। अगर ज्यादा दूध के उत्पादन की बात करे तो भारतीय गाय दूध देने में भी अव्वल नंबर पर आती है। भारतीय गौ वंशों में गिर, ओंगल, साहीवाल तथा कंकरेज यह गोऊ सबसे ज्यादा दूध देने वाली नस्ले हैं। गिर गाय तो दिन में 60 से 80 लीटर तक दूध देनीवाली है। दुनिया के वैज्ञानिक आज भी भारतीय गौ वंशों पर खोज कर रहे है और ये बाते साबित भी हो चुकी हैं।

हमारे वेद और पुराणों में गौमाता का प्रभाव और उसकी श्रेष्ठता की ऐसी अनगिनत कथाएँ मिलती हैं जिन से मालूम होता है कि हमारे पूर्वज गौमाता के महान भक्त थे और उसकी रक्षा करना अपना बहुत बड़ा धर्म समझते थे। गौ-रक्षा में प्राण अर्पण कर देना हिन्दू बड़े पुण्य की बात समझते है और उसका पालन करना बड़े सौभाग्य की बात मानी जाती हैं। शायद इसी बात का पूरा फ़ायदा हमारे भारतीय राजनीतिक पार्टिया और विरोधी उठा रहे है। दोस्तों आज हम आप से गौमाता और उसके दूध,दही,घी,गोबर तथा गौमूत्र के बारे में कुछ ऎसे बाते करेंगे शायद ही आपने कभी सुनी होगी।आप जान कर हैरान होंगे और आप का गौमाता को देखने का नजरिया बदल जायेगा और आप गौमाता को अपने घर लाना चाहोगे। दोस्तों अगर आप गौमाता के बारे में कूछ अधिक जानना चाहते है तो अवश्य कमेन्ट करे और अपनी राय जरूर दे। जय गौमाता।


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